Monday, 28 September 2026

भाषा क्या है ? What is language

भाषा क्या होती है ? भाषा क्या अर्थ होता है ?भाषा में कोनसी चीजों का ज्यादा इस्तेमाल होता है ?भाषा कितनी प्रकार की होती है और उनममे से हम अपने जीवन में और अपने  दिनचर्या में कितनी भाषओ का उपयोग करते है। भाषा को कब कैसे इस्तेमाल करते है ?भाषाओ की जानकारी, biography of langueges in hindi 

नमस्कार दोस्तों मेरा नाम है सागर और आज के मेरे इस ारिकल में आपका स्वागत  है, और हमारे इस स्टडी रूम चैनलों पर आपका हार्दिक स्वागत है। दोस्तों आज हम अपने पढाई के मामले में कोई भी प्रकार की लापरतवाही नहीं कहते है लेकिन सबसे ज्यादा हम हमारे सभ्यताओ से और अपने बोल भाषा की वजह से हमारे सभ्यता और संस्कारो की पहचान हमारी भाषा की वजह से होती है।

दोस्तों हम सभी जानते है की कोई भी बात किसीसे बोलना हो तो हमें भाषा का प्रयोग करना पड़ता है क्योकि बिना किसी भाषा के आप किसी के भ्ज्ञु साथ बात तक नहीं कर सकते है भाषा एक ऐसा शास्त्र है जो अपने अनमोल बोल से है बड़ी बड़े काम कर देता है। भाषा हर मनुष्य के जीवन का एक ऐसा अहम् हिस्सा है जो कभी भी और कही भी किसी  प्रयोग किया जाता है।

जिस तरह शरीर को नटकट और जिन्दा रखने के लिए खाने की जरुरत होती है उसी तरह भाषा भी हमारे जीवनका सबसे बड़ा आधार है। दोस्तों अभी हम बात करेंगे भाषा की उपयोगिता और भाषा की की अहमियत के बारे में।

भाषा की उपयोगिता और उसकी अहमियत 


  • दोस्तों भाषा हमारे जीवन में सबसे ज्यादा उपयोगिता में है और सबसे ज्यादा अहमियत भी भाषा को ही दिया जाता है।  क्योकि मनुष्य एक पल के लिए भूका जरूर रह सकता है पर बात किये बिना वैह एक पल तो क्या वह एक मिनट भी नहीं रह सकता। 
  • अगर हमें किसीसे बात करनी होती है तो हमें उससे भी बात करने के लिए भाषा का उपयोग करना ही पड़ता है। लेकिन उस भाषा में जरुरी नहीं के हम जो भाषा बोलेंगे वह हमारे सामने वाले व्यक्ति कोही समज ना आये इसलिए हमें यह भी ध्यान रखना चाहिए की हम बोल रहे भाषा हमारे समक्ष खड़े व्यक्ति को भिओ समझ आये। 
  • दोस्तों हमें भाषा बोलते समय यह भी ड़याँ रखना चाहिए की हम जो भाषा बोल रहे है क्या उस भाषा में सभ्यता है या नहीं फिर जो भाषा हम बोल रहे है उसके शब्द सही है भी या नहीं। 
  • भाषा को अच्छे से बोलने के लिए हमें उसके हर शब्द का अर्थ मालूम होना चाहिए। गलत शब्दों के उच्चारण से हमें उसके गलत परिणाम भी भुगतने पड़ सकते है। उदाहरण की तौर पे : यदि आप किसी डीलर के पास किसी जमींन की बात करने जा रहे है और आपने किसी बात को लेकर गलत शब्दों का प्रयोग कर लिया तो उस वजह से आपकोउसका गलत परिणाम भी भुगतना पड़ सकता है। इसलिए भाषा में शब्दोंको भी उतना ही महत्व दिया जाता है। 
  • भाषा हमारे जीवन में बहोत अहमियत रखता है क्योकि आपकी भाषा ही आपकी पहचान है। 
  • जब किसी व्यक्ति से बात कतरे है उससे आप जिस तरह की भाषा का उपयोग करते है उससे आपके स्वाभाव और सब्यता की पहचान होती है। 
भाषा के लिए कई महँ विद्वानों ने अपना विचार भी लिखा है 

प्रोफेसर पॉट कहते है की भाषा का वास्तविक स्वरुप को आज तक कभी किसी ने परिवर्तन नहीं किया है। सिर्फ बाह्य स्वरुप में परिवर्तन किये गये है पर किसी भी पिछली जाती ने अब तक कोई धातु नहीं बनाया। हम तो एकप्रकार से वही शब्द बोल रहे है जिसे सर्गारम्भ में मनुष्य द्वारा बोले गए थे। 

जैसिओन डेविस में कहा की भाषा यह आतंरिक और सार्वजनिक साधन है, साथ ही स्वाभाविक और आदिम है। भाषा के मुख्य उद्देश्य में  होना कभी संभव नहीं है। क्योकि उद्देश्य सर्वदेशी और पूर्ण होते है। और उनमे कोई भी प्रकार का परिवर्तन नहीं हो सकता क्योकि वे सदैव अखंड और एकरस होते है। 

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                                                                    धन्यवाद 

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